इंदौर। कोरोना महामारी के दौर में अवैध रूप से आवश्यक रेमडेशिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच की टीम ने तिलक नगर पुलिस के साथ मिलकर गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने एक रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किया है। जिसे वे जरूरतमंद को 30 हजार रुपए में बेचने वाले थे। ये ज्यादा रुपए कमाने के लालच में इंजेक्शन बचने लगे थे। पुलिस इनसे पता लगा रही है कि आखिर इन्हें इंजेक्शन किसने दिए और अब तक ये कितने इंजेक्शन बेच चुके हैं। इंजेक्शन के अलावा पुलिस ने इनके पास से एक कार और दो मोबाइल भी बरामद किए हैं।
एएसपी क्राइम ब्रांच गुरू प्रसाद पाराशर ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबजारी, तस्करी और अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के साथ ही ऐसे आरोपियांे की धरपकड़ लगातार की जा रही है। इसी कड़ी में सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति फोनेक्स हॉस्पिटल बिचौली हप्सी रोड पर कार में बैठे हैं और रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने के लिए लोगों से बात कर रहे हैं। सूचना पर एक टीम तिलक नगर पुलिस के साथ उक्त स्थान पर पहुंची। टीम ने बिचौली हप्सी रोड पर गाड़ी की घेराबंदी की तो उसमें दो लोग बैठे नजर आए। पकड़ में आए व्यक्तियों ने अपना नाम प्रीतेश पिता सरदरमल सकलेचा 42 निवासी महावीर नगर, तिलक नगर और अंकित पिता रमेश सोलंकी 26 निवासी संचार नगर, कनाड़िया रोड बताया।
पुलिस ने जब इनकी तलाशी ली तो उनके पास से एक रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद मिला। इंजेक्शन के साथ ही पुलिस ने एक कार और दो मोबाइल बरामद किए है। ये लोग ग्राहक से बातचीत कर उसे यह इंजेक्शन 30 हजार रुपए में बेचने वाले थे। उन्होंने बताया कि मुनाफा कमाने की नीयत से वे जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी करने लगे थे। दोनों आरोपियों पर तिलक नगर पुलिस ने 163/21 धारा 188, 34, 420, 3 (महामारी अधिनियम 1897) के तहत गिरफ्तार कर कार्यवाही की है।