नई दिल्ली. सोमवार को पेट्रोल 5 पैसे और डीजल 13 पैसे महंगा हुआ। इस बढ़ोतरी के साथ दिल्ली में डीजल का रेट 80.53 रुपए प्रति लीटर के नए स्तर पर पहुंच गया। दिल्ली में डीजल पेट्रोल से भी महंगा चल रहा है। 7 जून से अब तक डीजल के रेट में 22 बार इजाफा हो चुका। इस दौरान डीजल 11.14 रुपए महंगा हुआ है।
मेट्रो शहरों में आज पेट्रोल-डीजल के रेट
शहर |
पेट्रोल (रुपए/लीटर) |
इजाफा (पैसे) |
डीजल (रुपए/लीटर) |
इजाफा (पैसे) |
दिल्ली |
80.43 |
5 |
80.53 |
13 |
मुंबई |
87.19 |
5 |
78.83 |
12 |
कोलकाता |
82.10 |
5 |
75.64 |
12 |
चेन्नई |
83.63 |
4 |
77.72 |
11 |
पेट्रोल 3 हफ्ते में 9.17 पैसे महंगा हुआ
तेल कंपनियों ने 7 जून से रेट बढ़ाने शुरू किए थे। तब से अब तक पेट्रोल के रेट में 21 दिन इजाफा किया गया। इस दौरान पेट्रोल 9.17 रुपए महंगा हुआ है। कोरोना के बीच पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने पर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस आज देशभर में प्रदर्शन कर रही है।
6 साल में क्रूड घटा, एक्साइज ड्यूटी बढ़ी और आम आदमी ज्यादा टैक्स चुकाता रहा
पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगाती है और राज्य सरकारें वैल्यू एडेड टैक्स यानी वैट वसूलती हैं। अप्रैल 2014 में जब क्रूड ऑयल 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, तब दिल्ली में डीजल करीब 55 रुपए प्रति लीटर बिकता था। इसमें बेस प्राइस, किराया भाड़ा और डीलर कमीशन 45.5 रुपया था। इसके ऊपर सरकार 10 रुपए टैक्स के तौर पर वसूलती थी। यानी एक लीटर डीजल के लिए आप जितना पैसा देते थे, उसका 18% हिस्सा सरकार टैक्स वसूल लेती थी।
अब मौजूदा स्थिति की बात करते हैं। अभी क्रूड ऑयल 40 डॉलर प्रति बैरल पर है। 16 जून के प्राइस ब्रेकअप के मुताबिक, दिल्ली में डीजल 75.19 रुपए पर था। इसमें बेस प्राइस, किराया भाड़ा और डीलर कमीशन 25.76 रुपया था। इसके ऊपर 50 रुपए सरकार टैक्स के तौर पर वसूल रही है। यानी एक लीटर डीजल के लिए आप जितना पैसा दे रहे हैं, उसका 66% हिस्सा सरकार टैक्स वसूल रही है।