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नई दिल्ली. भारत खाड़ी देशों समेत दुनिया के 12 देशों में फंसे भारतीयों को वतन वापस लाएगा। 7 मई से शुरू होने वाले पहले फेज में 64 विमान के जरिए छात्रों समेत 14 हजार 800 लोग वतन वापसी करेंगे। हर दिन करीब दो हजार लोगों को लाने की योजना है। गृह मंत्रालय ने कहा कि भारत आने के बाद इन लोगों की जरूरी जांच होगी और उन्हें 14 दिन तक क्वारैंटाइन किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे ज्यादा किराया अमेरिका से आने वाले भारतीयोें को देना होगा। वहां के किसी भी शहर से भारत तक आने के लिए उन्हें एक लाख रुपए देने होंगे। सबसे कम किराया बांग्लादेश से आने वाले नागरिकों को देना होगा। वे भारत आने के लिए 12 हजार रुपए खर्च करेंगे। इस अभियान को भारत का 30 साल का सबसे बड़ा एयरलिफ्ट ऑपरेशन कहा जा रहा है।
देश लौटने के लिए भारतीयों को 12 हजार से 1 लाख रुपए तक किराया देना होगा
- आंकड़े इकोनॉमी क्लास के
- लंदन और ढाका से किराए के आंकड़े नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक - बाकी आंकड़े मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार
10 राज्यों के रहने वाले लोग विदेशों से लौटेंगे, सबसे ज्यादा केरल के
कर्नाटक
सबसे ज्यादा अमेरिका से 2100 भारतीयों की वापसी होगी