इस्लामिक दावा सेंटर के नाम पर अलग-अलग देशों से फंड आता था, इसका बेस नोएडा में था; मूक-बधिर और गरीबों को बनाते थे निशाना

Posted By: Himmat Jaithwar
6/22/2021

उत्तर प्रदेश एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने सोमवार को दो मौलानाओं जहांगीर और उमर गौतम को लखनऊ स्थित एक बड़े मुस्लिम संस्थान से पकड़ा है। ये लोग बड़े पैमाने पर यूपी में हिंदुओं को बरगलाकर उनका धर्म परिवर्तन करा रहे थे। इनसे पूछताछ में अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का सोशल फेस बनकर काम करने वाली सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) पर जब शिकंजा कसा गया तो इस्लामिक दावा सेंटर (IDC) को खड़ा कर दिया गया था।

यानी ये तीनों संगठन एक ही हैं। ये लोग मिलकर हिंदू छात्रों, महिलाओं, मूक-बधिर और गरीब लोगों का धर्म परिवर्तन करवा रहे थे। इसके लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI समेत कई इस्लामिक देशों से फंड भी जुटाया जा रहा था। यह भी सामने आया कि दोनों मौलानाओं ने कानपुर और गुडगांव के दो छात्रों को बरगलाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया था। इस बात की भनक बच्चों के घरवालों को नहीं लगी। दोनों बच्चों को दीनी (इस्लामिक बातों की) पढ़ाई के लिए दक्षिण भारत भेजा गया था।

नोएडा में 18 बच्चों का धर्मांतरण, संस्था के प्रबंधक से पूछताछ जारी
ATS की जांच में सामने आया है कि नोएडा डेफ सोसाइटी स्कूल आठ कमरों के मकान में चल रही है। इसकी स्थापना 2005 में हुई थी। मौजूदा समय मे यहां 35 बच्चों का रजिस्ट्रेशन है। इनमें से 12 बच्चे जम्मू कश्मीर के मुस्लिम परिवार से हैं। नोएडा से ही संचालित इस्लामिक दावा सेंटर ने नोएडा डेफ सोसाइटी के 18 मूक बधिर बच्चों का 2 साल के भीतर धर्मांतरण करवा दिया और स्कूल प्रबंधन को इसकी भनक भी नहीं लगी। इस इनपुट के बाद ATS का शक गहराया। अब ATS नोएडा डेफ सोसाइटी की प्रबंधक रूमा रोका को लखनऊ स्थित यूपी ATS के मुख्यालय लाकर पूछताछ कर रही है। हालांकि, रूमा का कहना है कि बच्चे कैसे इस संस्था के जाल में फंसकर इस्लाम धर्म स्वीकार कर रहे थे, इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

SDPI के सदस्यों से भी पूछताछ करने में जुटी ATS

ATS के मुताबिक नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन में पहली बार सोशल डेमोक्रेटिव पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) का चेहरा सामने आया था। अफसरों के मुताबिक SDPI सिमी समर्थित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का सोशल और पॉलिटिकल फेस है। यह संस्था PFI के लिए दुनिया भर के इस्लामिक देशों से फंड जुटाती है। 2019 में CAA (सिटिजन एमेंडमेंट एक्ट) के विरोध में हुई हिंसा में PFI सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद SDPI का खुलासा हुआ था।

इसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियों की नजर इस संगठन पर लगातार बनी हुई है। इसकी वजह से विदेशी फंड जुटाने के लिए दो साल पहले इसकी जगह दावा इस्लामिक सेंटर बनाया गया। इस संस्था को फंड जुटाने के साथ हिंदुओं का धर्मांतरण करवाने का भी टास्क दिया गया था। ATS अफसरों का कहना है कि मामले की तह तक जाने के लिए उमर और जहांगीर को रिमांड पर लिया जाएगा।



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